मौसम

देखो इस प्यारे मौसम को ,
क्या सुन्दर दृष् छाई हैं!

देख बार बार इस मौसम को,
मुझको तेरी यु यद् आई हैं!

तुमभी होती, मैं भी होता,
होते हम संग अकेले !

तू न कहती, मैं न कहता,
सुनते हम ये जग क्या कहता हैं!

तुझ बिन क्या ये मौसम, क्या ये बारिश,
सभ अनजाने बैजाने से होते हैं!

साथ हैं अगर तू, तो हर पल ये रंगीन,
हर शमा मुझे यु सुहाना लगता हैं!

देखो इस प्यारे मौसम को,
क्या सुन्दर दृष् छाई हैं!

देख बार बार इस मौसम को,
मुझको फिर तेरी याद आई हैं!

सिर्फ तेरी याद आई हैं!

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